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Offering to God

Offering to God

What will you offer to the Lord begging at your door?

You have nothing of your own to give Him. All things in this universe belong to Him. 90 kata lagi

Sai Prachar

साँई सार

|| साँई सार ||

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  • जिस तरह कीड़ा कपड़ो को कुतर डालता है, उसी तरह ईर्ष्या मनुष्य को ।
  • क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ होता है और पश्चाताप पर खत्म होता है ।
  • दूसरों के प्रति ऐसा व्यवहार करना चाहिए जैसा की हम अपने लिए पसंद करते हैं ।
  • एक बार निकले बोल वापस नहीं आ सकते, इसलिए सोच कर बोलो ।
  • तलवार की चोट उतनी उतनी तेज नहीं होती, जितनी कि जिह्वा की ।
  • नम्रता से देवता भी मनुष्य के वश में हो जाते हैं ।
  • प्रेम मनुष्य को अपनी ओर खीचने वाला चुम्बक है ।
  • बहुत से प्रेरणा लेकर वर्तमान में भविष्य का चिंतन करना चाहिए ।
  • मनुष्य के तीन सद्गुण हैं – आशा, विश्वास, और दान ।
  • अंधा वह नहीं है जिसके आँखे नहीं हैं, अँधा वह है जो अपने दोषों को ढकता है ।
  • धीरज के सामने भयंकर संकट भी धुएँ के बादलों की तरह उड़ जाते हैं ।
  • मनुष्य की महत्ता उसके कपड़ो से नहीं बल्कि उसके आचरण से जानी जाती है ।
  • मनुष्य के रूप में परमात्मा सदा हमारे सम्मुख हैं, उनकी सेवा करो ।
  • सम्पन्नता मित्रता बढती है, विपदा उसकी परख करती है ।
  • तीन सच्चे मित्र हैं – बूढ़ी पत्नी, पुराना कुत्ता और पास का धन ।
  • घर में मेल होना पृथ्वी पर स्वर्ग के समान है ।
  • चिंता से रूप, बल और ज्ञान का नाश होता है ।
  • दूसरे को गिराने के प्रयत्न में तुम स्वयं गिर जाओगे ।

Attain Bliss by Mutual Love

Attain Bliss by Mutual Love

By Rinanubandha, you have come to me. Have regard to Rinanubandha. Whoever or whatever creature comes to you, do not drive away but receive with due consideration. 118 kata lagi

Sai Prachar

Blessed Devotee who Experienced Baba’s Miracle before 1918 Baba visited new house gruhapravesh of His devotee

Blessed Devotee who Experienced Baba’s Miracle before 1918

Baba visited new house gruhapravesh of His devotee

Baba asked Purandare to build a house, for himself and his family, at his own expense. 231 kata lagi

Sai Prachar