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New work: "The tram stopped here" - Prague.

Hi everyone,

The tram stopped opposite this building in old town Prague. I thought it’d make an interesting subject for a work

All the best


Ample time means timeless
Emblems, pride seems mindless
People are just crazy and free
Pupils must fairy and flee…
Who wants to be a Mason…?

10 kata lagi

Sauver l'art

L’art établit une relation qui permet d’englober dans une même interaction, dans un même échange, une œuvre, son créateur et le récepteur, le destinataire de cette œuvre (spectateur, auditeur,  etc.). 511 kata lagi

Life Modelling

Just under 2 years ago I started life modelling. It was something I’d wanted to try for a while, ever since an off the cuff remark about wanting a painting of me for my bedroom wall one Friday night ended with a drunken half naked drawing session with a recruitment consultant/amateur artist from London called Will. 1.612 kata lagi

Random Stuff

मुझे कुछ याद क्यूँ नहीं रहता | Hindi Poem | Deepak Singh Mehra

एक मुद्दत साथ रहते है लोग, पूरी उम्र कोई साथ क्यूँ नहीं रहता ?
आके चली जाती हैं यादें सबकी, मुझे कुछ याद क्यूँ नहीं रहता ?

पड़ोस में बस्ती है भीड़ मेरे जश्न के रहने तक,
साथ कोई बर्बाद होने के बाद क्यूँ नहीं रहता ?

क्यूँ टोकते हैं सब मुझे मेरी ही पसंद नापसंद पे,
दायरे में अपने ख़ुद ये समाज क्यूँ नहीं रहता ?

कौन हुँ मैं, क्या हुँ मैं, क्यूँ हुँ मैं, सब जानना है इन्हें,
मेरी ये निजी जिंदेगी का राज़, राज़ क्यूँ नहीं रहता ?

कहते हैं बर्बाद हो जाता है मेरे छूने भर से हर ज़र्रा,
मेरे चले जाने पर फिर वो आबाद क्यूँ नहीं रहता ?

समय पे आता है तु, आते ही चला जाता है,
ऐ वक़्त, तु सिर्फ़ मेरे पास क्यूँ नहीं रहता ?

– Deepak Singh Mehra